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नौ मुखी रुद्राक्ष

महाशिवपुराण के अनुसार नौ मुखी रुद्राक्ष माँ भगवती की नौ शक्तियों का प्रतीक माना गया है | कपिलमुनि और भैरोदेव की कृपा भी इस रुद्राक्ष पर मानी गई है |

नौ मुखी रुद्राक्ष के लाभ

इसको धारण करने से धन सम्पत्ति, मान सम्मान, यश, कीर्ति और सभी प्रकार के सुखों की वृद्धि होती है | इस रुद्राक्ष को बाए हाथ में या कंठ में धारण करना चाहिए | यह रुद्राक्ष आखों की दृष्टि के लिए भी उपयोगी माना गया है | माँ भगवती की असीम अनुकम्पा नौ मुखी रुद्राक्ष पर होने से यह कवच का काम करता है और शरीर को मानसिक एवं भौतिक दुखों से बचाता है और धारक की कीर्ति सर्वत्र फैलाता है | नौ मुखी रुद्राक्ष धारण करने से धीरे धीरे मन शांत हो जाता है और लोगों के कल्याण की कामना करने लगता है | महाशिवपुराण के अनुसार देवी दुर्गा का स्वरुप होने के कारण से विशेष कर महिलाओं के लिए यह रुद्राक्ष अत्यंत उपयोगी है | इसके धारण से इच्छा शक्ति प्रबल होकर कई पापों का नाश होता है | देवी माँ की कृपा इस रुद्राक्ष पर होने से सभी देवताओं की कृपा भी इस रुद्राक्ष के धारक को मिलती है अतः हर पुरुष व् महिला को जो किसी भी रूप में देवी का पूजन करता हो उसे नौ मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए | इसके धारण से मानसिक रोग व् ह्रदय रोग में भी लाभ हो सकता है | इस रुद्राक्ष पर केतु का प्रभाव भी माना गया है | केतु ग्रह का नाम अचानक और अजीब सा फल देने के बारे में जाना जाता है इसलिए इस रुद्राक्ष के धारक को अचानक कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं |

नौ मुखी रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र

इस रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र है “ॐ ह्रीं हूँ नमः” | देवी की उपासना करने वाले सभी जातकों को नौ मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए |

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*Descriptions for products are taken from scripture, written and oral tradition. Products are not intended to diagnose, treat, cure, or prevent any disease or condition. We make no claim of supernatural effects. All items sold as curios only.

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One thought on “नौ मुखी रुद्राक्ष

  1. नौ मुखी रूदृाष किस पूजन विधि के साथ किस शुभ मुहूर्त के सोमवार को किस मञ के साथ किस दिन सुबह या शाम को धारण करना चाहिए

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