पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष

|Vaibhav Bathla

भगवान शिव को पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष अत्यन्त प्रिय है क्योंकि यह स्वयं भगवान शिव के स्वरूप पशुपति नाथ का प्रतीक है | भगवान के इसी स्वरूप के नाम पर ही नेपाल में भव्य मन्दिर के रूप में दिव्य पीठ की स्थापना हुई है |

Table of Contents

1. पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष के क्या फायदे हैं ?

2. पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष कितने प्रकार के पाए जाते हैं ?

3. असली या नकली पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष की पहचान कैसे करें ?

4. पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष कौनसा व्यक्ति धारण कर सकता है ?

5. पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष धारण करने का मंत्र और विधि क्या है ?

6. पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष धारण करने के बाद क्या सावधानियां रखनी चाहिए ?

पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष के क्या फायदे हैं ?

  • मस्तिष्क की कल्पना शक्ति पर भी इसका अच्छा असर होता है |
  • मानसिक रोगों में भी इसके धारण से लाभ प्राप्त किया जा सकता है |
  • शिव के 1008 नामों में पशुपति बहुत ही प्रसिद्ध नाम है इसलिए भी इस रुद्राक्ष का बहुत महत्व है |
  • भगवान शिव के पशुपति नाथ स्वरूप के हाथों में कई पुराने अस्त्र शस्त्र हैं जिनका सबका अलग अलग प्रभाव कहा गया है |
  • पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष भूमि के काम करने वालों के लिए और भूमि खरीदने में भी लाभकारी हो सकता है |
  • पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले जातक को ह्रदय रोग में लाभ रहता है और आँखों व गले के रोगों पर भी यह रुद्राक्ष अच्छा असर करता है |
  • शनि, राहू, मंगल आदि पाप ग्रहों के कुप्राभाव को कम करने में भी यह रुद्राक्ष सहायक सिद्ध होता है इसलिए कलयुग में हम सभी को यह रुद्राक्ष धारण करना चाहिए |

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पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष कितने प्रकार के पाए जाते हैं ?

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नेपाली पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष

यह नेपाली पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष है | नेपाली रुद्राक्ष सबसे ज़्यादा असरदार माने गए हैं और केवल यही दाना आपको पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष के सभी फायदे देगा जो मैंने आपको पहले बताए थे | नेपाली दानों के मुख चौढ़े होते हैं और बीच में एक प्राकृतिक छेद होता है जिससे यह अपने पेड़ से जुड़ा होता है | नकली रुद्राक्ष एवं भद्राक्ष में कोई छेद नहीं होता, उनमे आपको खुद छेद करना पड़ता है ड्रिल से | रुद्राक्ष जितना बड़ा और भारी होगा उसमे उतनी ही ज़्यादा ऊर्जा होगी और वो उतना ही ज़्यादा असरदार भी होगा । हमारे पास आपको 20-30mm के 15 मुखी रुद्राक्ष मिल जाएंगे वो भी बाजार में सबसे कम कीमत पर। हमारे सभी रुद्राक्ष X-Ray और Lab Certificate के साथ आते हैं।

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इन्डोनेशियाई पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष

यह इन्डोनेशियाई पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष है | यह साइज में सबसे छोटा और वज़न में सबसे हल्का होता है | इसमें मुख भी बिलकुल पतली पतली लकीरों की तरह बने होते हैं और यह दाने नेपाली दानों की तुलना में बिलकुल भी असरदार नहीं होते | इनमे बहुत ही काम ऊर्जा होती है इसीलिए हम कभी भी इन्डोनेशियाई रुद्राक्ष धारण करने की सलाह नहीं देते | आप इस दाने को एक विकल्प के रूप में धारण कर सकते हैं अगर नेपाली दाना आपके बजट से बाहर जा रहा हो तो लेकिन पहली प्राथमिकता नेपाली पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष को ही देनी चाहिए क्यूंकि नेपाली दाने ही सबसे ज़्यादा असरदार माने गए हैं |

असली या नकली पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष की पहचान कैसे करें ?

महाशिवपुराण के अनुसार, कोई भी रुद्राक्ष असली है या नकली यह जानने का एक मात्र सटीक तरीका है कि उस दाने को बीच में से काट दो और उसके अंदर कितने खांचे बने हुए हैं वो गिनो | बाहर जितने मुख हैं अंदर भी उतने ही खांचे बने हुए होंगे तो असली पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष के अंदर भी सिर्फ पन्द्रह ही खांचे बने होंगे लेकिन आज की टेक्नोलॉजी की वजह से हमें रुद्राक्ष को काटके बर्बाद करने की ज़रूरत नहीं है | यही सेम रिजल्ट X-Ray में आ जाता है इसीलिए हम अपने सारे रुद्राक्ष को एक govt. approved independent lab से सर्टिफाई करवाते हैं जोकि हर दाने को X-Ray में रखकर टेस्ट करते हैं और अंदर चौदा नेचुरल खांचे दिखने के बाद ही उस रुद्राख को नेचुरल सर्टिफाई किया जाता है | Rudra Gems के हर पन्द्रह मुखी के साथ आपको X-Ray टेस्टिड लैब सर्टिफिकेट साथ मिलेगा |

ऑनलाइन कई प्रकार के टेस्ट्स भी हैं जैसी की असली रुद्राक्ष पानी में डूबेगा और नकली तैरेगा | यह गलत जानकारी है क्योंकि एक असली रुद्राक्ष जिसमे अभी भी एयर और मॉइस्चर भरा हो वह भी पानी में तैरेगा और अगर आप एक नकली रुद्राक्ष में किसी भी मेटल का एक छोटा सा टुकड़ा डाल देंगे तो वह पानी में डूब जाएगा | तो असली नकली पहचानने का एक मात्र सटीक तरीका है किसी independent lab से X-Ray और Rudra Gems के हर पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष के साथ आपको X-Ray tested lab certificate साथ मिलेगा |

पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष कौनसा व्यक्ति धारण कर सकता है ?

कोई भी व्यक्ति कोई भी रुद्राक्ष धारण कर सकता है क्योंकि रत्नो की तरह रुद्राक्ष का कोई भी नेगेटिव इफ़ेक्ट नहीं होता | इसके जो फायदे मैंने आपको बताए हैं अगर आप उससे रिलेटेड समस्या फेस कर कर रहे हैं तो पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष आवश्य धारण कर सकते हैं | रत्नों की तरह रुद्राक्ष धारण करने से पहले कुंडली या राशि देखना आवश्य नहीं है | आप सिर्फ रुद्राक्ष के फायदे देख कर धारण कर सकते हैं | इसे पुरुष और महिलाएं दोनों धारण कर सकते हैं |

पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष धारण करने का मंत्र और विधि क्या है ?

Rudra Gems पे हम हर रुद्राक्ष को मंत्र उच्चारण से जागृत और एनेर्जाइज़ करके ही भेजते हैं तो पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष मिलने के बाद आपको सिर्फ सोमवार सुबह 108 बार "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का उच्चारण करके गले में धारण करना है | धारण करने से पहले अगर आप इसे एक बार दूध से और फिर गंगा जल से धो सकें तो अति उत्तम होगा | अगर ये ना हो पाए तो आप ऐसे ही 108 बार "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का उच्चारण करके गले में धारण कर सकते हैं |

पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष धारण करने के बाद क्या सावधानियां रखनी चाहिए ?

कोई भी रुद्राक्ष धारण करने के बाद आपको मांस मंदिर का त्याग करना चाहिए और रुद्राक्ष पहनते हुए कब्रिस्तान जाने से बचना चाहिए | अगर आपको मांस मंदिर का सेवन करना भी है तो उससे पहले आपको रुद्राक्ष को उतार के मंदिर में रख देना चाहिए या अगर आप कहीं बाहर हैं तो पहले रुद्राक्ष को उतार के अपनी जेब या बैग में रख लीजिए और सेवन करने के बार अगली सुबह नहाने के बाद आप फिर से इसे गले में धारण कर सकते हैं | पन्द्रह मुखी रुद्राक्ष पहनते हुए मांस मंदिरा का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए |

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