सात मुखी रुद्राक्ष को माँ लक्ष्मी की कृपा से भरपूर माना गया है | कामदेव का स्वरुप पाने वाला यह रुद्राक्ष अनन्त नाम से जाना गया है | महाशिवपुराण के अनुसार स्वर्ण आदि धातुओं की चोरी या बेईमानी करने के पाप से मुक्ति प्रदान करने में यह रुद्राक्ष सहायक माना गया है |
Table of Contents
1. सात मुखी रुद्राक्ष के क्या फायदे हैं ?
2. सात मुखी रुद्राक्ष कितने प्रकार के पाए जाते हैं ?
3. असली या नकली सात मुखी रुद्राक्ष की पहचान कैसे करें ?
4. सात मुखी रुद्राक्ष कौनसा व्यक्ति धारण कर सकता है ?
5. सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने का मंत्र और विधि क्या है ?
6. सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने के बाद क्या क्या सावधानियां रखनी चाहिए ?
सात मुखी रुद्राक्ष के क्या फायदे हैं ?
- एैसे मनुष्य जिनका भाग्य उनका साथ नहीं देता और नौकरी या व्यापार में अधिक लाभ नहीं होता एैसे जातकों को सात मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए |
- इसके धारण से धन का अभाव व् दरिद्रता दूर होकर व्यक्ति को धन, सम्पदा, यश, कीर्ति एवं मान सम्मान की भी प्राप्ति होती है |
- सात मुखी होने के कारण से शरीर में सप्त धातुओं की रक्षा करता है और शरीर के मेटाबोलिज्म को दुरुस्त करता है |
- इस रुद्राक्ष पर लक्ष्मी जी की कृपा मानी गई है और लक्ष्मी जी के साथ गणेश भगवान की भी पूजा का विधान है इसलिए इस रुद्राक्ष को गणपति के स्वरुप आठ मुखी रुद्राक्ष के साथ धारण करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है |
- ग्रन्थों के अनुसार सात मुखी रुद्राक्ष पर शनि देव का प्रभाव माना गया है इसलिए जो व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हों या जोड़ो के दर्द से परेशान हों उनके लिए शनि देव की कृपा प्राप्त होने के कारण से यह रुद्राक्ष लाभदायक हो सकता है |

सात मुखी रुद्राक्ष कितने प्रकार के पाए जाते हैं ?
नेपाली सात मुखी रुद्राक्ष
यह नेपाली सात मुखी रुद्राक्ष है | नेपाली रुद्राक्ष सबसे ज़्यादा असरदार माने गए हैं और केवल यही दाना आपको सात मुखी रुद्राक्ष के सभी फायदे देगा जो मैंने आपको पहले बताए थे | नेपाली दानों के मुख चौढ़े होते हैं और बीच में एक प्राकृतिक छेद होता है जिससे यह अपने पेड़ से जुड़ा होता है | नकली रुद्राक्ष एवं भद्राक्ष में कोई छेद नहीं होता, उनमे आपको खुद छेद करना पड़ता है ड्रिल से | मैं सिर्फ आपको यही कहना चाहुंगा की आप नकली रुद्राक्ष या भद्राक्ष कितना ही सस्ता क्यों न ले लो अंत में वो आपको मेहेंगा ही पड़ेगा क्यूंकि नकली रुद्राक्ष और भद्राक्ष धारण करने से कोई फ़ायदा नहीं होता तो अंत में जो भी पैसा आपने उसपे लगाया है वो बर्बाद ही होगा |
इन्डोनेशियाई सात मुखी रुद्राक्ष
यह इन्डोनेशियाई सात मुखी रुद्राक्ष है | यह साइज में सबसे छोटा और वज़न में सबसे हल्का होता है | इसमें मुख भी बिलकुल पतली पतली लकीरों की तरह बने होते हैं और यह दाने नेपाली दानों की तुलना में बिलकुल भी असरदार नहीं होते | इनमे बहुत ही काम ऊर्जा होती है इसीलिए हम कभी भी सिर्फ एक इन्डोनेशियाई रुद्राक्ष धारण करने की सलाह नहीं देते | इन्डोनेशियाई सात मुखी को सिर्फ 108+1 दानों की माला में ही धारण करना चाहिए | आप यह माला नेपाली दानों के विकल्प के रूप में धारण कर सकते हैं लेकिन पहली प्राथमिकता नेपाली सात मुखी रुद्राक्ष को ही देनी चाहिए क्यूंकि नेपाली दाने ही सबसे ज़्यादा असरदार माने गए हैं |
असली या नकली सात मुखी रुद्राक्ष की पहचान कैसे करें ?
महाशिवपुराण के अनुसार, कोई भी रुद्राक्ष असली है या नकली यह जानने का एक मात्र सटीक तरीका है कि उस दाने को बीच में से काट दो और उसके अंदर कितने खांचे बने हुए हैं वो गिनो | बाहर जितने मुख हैं अंदर भी उतने ही खांचे बने हुए होंगे तो असली सात मुखी रुद्राक्ष के अंदर भी सिर्फ सात ही खांचे बने होंगे लेकिन आज की टेक्नोलॉजी की वजह से हमें रुद्राक्ष को काटके बर्बाद करने की ज़रूरत नहीं है | यही सेम रिजल्ट X-Ray में आ जाता है इसीलिए हम अपने सारे रुद्राक्ष को एक govt. approved independent lab से सर्टिफाई करवाते हैं जोकि हर दाने को X-Ray में रखकर टेस्ट करते हैं और अंदर सात नेचुरल खांचे दिखने के बाद ही उस रुद्राख को नेचुरल सर्टिफाई किया जाता है | Rudra Gems के हर सात मुखी के साथ आपको X-Ray टेस्टिड लैब सर्टिफिकेट साथ मिलेगा |
ऑनलाइन कई प्रकार के टेस्ट्स भी हैं जैसी की असली रुद्राक्ष पानी में डूबेगा और नकली तैरेगा | यह गलत जानकारी है क्योंकि एक असली रुद्राक्ष जिसमे अभी भी एयर और मॉइस्चर भरा हो वह भी पानी में तैरेगा और अगर आप एक नकली रुद्राक्ष में किसी भी मेटल का एक छोटा सा टुकड़ा डाल देंगे तो वह पानी में डूब जाएगा | तो असली नकली पहचानने का एक मात्र सटीक तरीका है किसी independent lab से X-Ray और Rudra Gems के हर सात मुखी के साथ आपको X-Ray tested lab certificate साथ मिलेगा |
सात मुखी रुद्राक्ष कौनसा व्यक्ति धारण कर सकता है ?
कोई भी व्यक्ति कोई भी रुद्राक्ष धारण कर सकता है क्योंकि रत्नो की तरह रुद्राक्ष का कोई भी नेगेटिव इफ़ेक्ट नहीं होता | इसके जो फायदे मैंने आपको बताए हैं अगर आप उससे रिलेटेड समस्या फेस कर कर रहे हैं तो सात मुखी रुद्राक्ष आवश्य धारण कर सकते हैं | रत्नों की तरह रुद्राक्ष धारण करने से पहले कुंडली या राशि देखना आवश्य नहीं है | आप सिर्फ रुद्राक्ष के फायदे देख कर धारण कर सकते हैं | इसे पुरुष और महिलाएं दोनों धारण कर सकते हैं |
सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने का मंत्र और विधि क्या है ?
Rudra Gems पे हम हर रुद्राक्ष को मंत्र उच्चारण से जागृत और एनेर्जाइज़ करके ही भेजते हैं तो सात मुखी रुद्राक्ष मिलने के बाद आपको सिर्फ सोमवार सुबह 108 बार "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का उच्चारण करके गले में धारण करना है | धारण करने से पहले अगर आप इसे एक बार दूध से और फिर गंगा जल से धो सकें तो अति उत्तम होगा | अगर ये ना हो पाए तो आप ऐसे ही 108 बार "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का उच्चारण करके गले में धारण कर सकते हैं |
सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने के बाद क्या क्या सावधानियां रखनी चाहिए ?
कोई भी रुद्राक्ष धारण करने के बाद आपको मांस मंदिर का त्याग करना चाहिए और रुद्राक्ष पहनते हुए कब्रिस्तान जाने से बचना चाहिए | अगर आपको मांस मंदिर का सेवन करना भी है तो उससे पहले आपको रुद्राक्ष को उतार के मंदिर में रख देना चाहिए या अगर आप कहीं बाहर हैं तो पहले रुद्राक्ष को उतार के अपनी जेब या बैग में रख लीजिए और सेवन करने के बार अगली सुबह नहाने के बाद आप फिर से इसे गले में धारण कर सकते हैं | सात मुखी रुद्राक्ष पहनते हुए मांस मंदिरा का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए |

Descriptions for products are taken from scripture, written and oral tradition. Products are not intended to diagnose, treat, cure, or prevent any disease or condition. We make no claim of supernatural effects. All items sold as curios only.
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