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6 Mukhi Rudraksha

6 Mukhi Rudraksha is the symbol of Lord Kartike who is the son of Lord Shiva. According to Astrology, Venus (Shukra) represents 6 Mukhi Rudraksha. According to MahaShivPuran, this bead is helpful in liberating the wearer from a serious sin like Brahm Hatya.

Benefits of 6 Mukhi Rudraksha

6 Mukhi Rudraksha gives wisdom and knowledge, increases will power and learning capability, helps in preventing diseases and also helps in attaining wealth. Students must wear this bead in their right arm. It helps the wearer in attaining leadership quality. It enhances the speaking capability of the wearer. If one bead of 5 Mukhi is worn on the left and one on the right side with the 6 Mukhi Rudraksha in the center then it is an excellent combination. This bead has the special grace of Lord Kartike thus it saves the wearer from all worldly sorrows and helps in leading a good standard life. Students who get very nervous and tense during their exams or who do not possess very good memory should definitely wear the following combination – one bead of 6 Mukhi Rudraksha in the center with one-one bead of 5 Mukhi on both sides of it. This combination greatly helps in achieving success in studies so all students must wear this combination.

Mantra for wearing 6 Mukhi Rudraksha

The mantra to wear 6 Mukhi Rudraksha is “OM HREEM NAMAH”. After chanting it, if you can recite 5 rosaries of “OM NAMAH SHIVAYA” everyday then it will greatly increase the benefits of this bead.

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*Descriptions for products are taken from scripture, written and oral tradition. Products are not intended to diagnose, treat, cure, or prevent any disease or condition. We make no claim of supernatural effects. All items sold as curios only.

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छह मुखी रुद्राक्ष

छह मुखी रुद्राक्ष भगवान शिव के पुत्र कार्तिके का स्वरुप माना गया है | ज्योतिष की दृष्टि से इस रुद्राक्ष पर शुक्र देव का प्रभाव माना गया है | महाशिवपुराण के अनुसार ब्रह्म हत्या आदि के पापों से मुक्ति प्रदान करने में यह रुद्राक्ष सहायक सिद्ध होता है |

छह मुखी रुद्राक्ष के लाभ

छह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है, बुद्धि तीव्र होती है, शरीर को रोग मुक्त करने में सहायक होता है और धन प्राप्ति भी करवाता है | यह रुद्राक्ष विशेष कर पढने वाले बालकों को दाई भुजा में धारण करना चाहिए | इस रुद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति में नेत्रित्व करने का गुण आ जाता है | भाषण आदि कला में भी वाक शक्ति प्रबल होती है | छह मुखी रुद्राक्ष के साथ यदि दाई और बाई ओर एक एक पांच मुखी का रुद्राक्ष भी धारण किया जाए तो अति उत्तम होता है | भगवान कार्तिके की विशेष कृपा प्राप्त होती है और सांसारिक दुखों से लड़ने की क्षमता प्रदान करके जीवन के स्तर को अति उत्तम बनाता है | बचपन में जिन बालकों की बुद्धि अधिक तीव्र नहीं होती या परीक्षा के समय में बालक को चिंता होती है, ऐसे बालकों को दो पांच मुखी के बीच में एक छह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से परीक्षा में सफलता मिलती है इसलिए विशेष कर सभी बालकों को जो शिक्षा ग्रहण कर रहे हों, उन्हें ये रुद्राक्ष धारण करने चाहिए |

छह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र

छह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र “ॐ ह्रीं नमः” है | इस मंत्र से धारण करने के पश्चात् प्रतिदिन यदि पांच माला “ॐ नमः शिवाय” का जाप किया जाए तो अति उत्तम फल देखने को मिलता है |

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*Descriptions for products are taken from scripture, written and oral tradition. Products are not intended to diagnose, treat, cure, or prevent any disease or condition. We make no claim of supernatural effects. All items sold as curios only.

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