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गणेश रुद्राक्ष

जैसा की आप सभी जानते हैं कि गणेश भगवान शिव और पार्वती के पुत्र हैं इसलिए गणेश रुद्राक्ष को विशेष रूप से शिव और शक्ति दोनों का ही आशीर्वाद प्राप्त है |

गणेश रुद्राक्ष के लाभ

भगवान गणेश के जन्म के पश्चात शिव और पार्वती के अतिरिक्त स्वर्ग के सभी देवी देवताओं ने उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया था कि आप सभी ब्रह्माण्ड वासियों के विघन हरने में सक्षम हो तभी से भगवान गणेश को विघन हरता भगवान माना गया है अतः गणेश रुद्राक्ष स्पष्ट रूप से भगवान गणेश का स्वरुप होने के कारण से सभी प्रकार के विघन हरने में सहायक होता है | सभी प्रकार के भूत प्रेत भगवान शिव के अनुयायी होने के कारण से सभी की गणपति भगवान को विशेष कृपा प्राप्त है इसलिए गणेश रुद्राक्ष धारण करने से सभी प्रकार की उपरी बाधाएं शीघ्र उस शरीर को छोड़ देती हैं |

गणेश रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र

इस रुद्राक्ष को धारण करने का मन्त्र “ॐ नमः शिवाय” या “ॐ गं गणपतय नमः” है | 32 दानों की माला इस रुद्राक्ष की धारण करके “ॐ गं गणपतय नमः” मन्त्र का यदि जाप किया जाए तो जीवन के समस्त विघन धीरे धीरे कम होते चले जाते हैं ऐसा कई ग्रंथों में लिखा है अतः स्त्री, पुरुष, नौकरी करने वाले या व्यापारी, राजनेता, कलाकार या सरकारी अफसर सभी को इस रुद्राक्ष को धारण करके अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए |

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*Descriptions for products are taken from scripture, written and oral tradition. Products are not intended to diagnose, treat, cure, or prevent any disease or condition. We make no claim of supernatural effects. All items sold as curios only.

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