फ़रवरी मास के व्रत एवं त्यौहार

Posted by Acharya Anil Johri on January 30, 2015  /   Posted in Spiritual

प्रदोष व्रत – 1/2/2015

1 फ़रवरी दिन रविवार को प्रदोष व्रत है | इस दिन व्रत रख कर भगवान शिव की पूजा किसी भी रूप में करनी चाहिए | इस दिन शिव स्रोत्रों के पाठ करने का विधान है | भगवान शिव को गुड़ की रेवड़ी का भोग लगाकर बाँटने से अभीष्ट फल की प्राप्ति की जा सकती है |

माघ पूर्णिमा – 3/2/2015

माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व माना गया है | इस दिन किसी कर्मकाण्डी ब्राह्मण को आदर सहित घर बुलाकर माघ पूर्णिमा की कथा सुननी चाहिए | भगवान श्री विष्णु जी का पूजन करना चाहिए | विद्वान ब्राह्मणों को भोजन कराके तिल, गुड़, घी आदि का दान करके यथा सम्भव दक्षिणा देकर ब्राह्मणों को विदा करे तत्पश्चात अपंग और असमर्थों को भोजन, कम्बल, फल आदि का दान करें | इस सिंहस्थ महाकुम्भ के वर्ष में माघ पूर्णिमा की पवित्र नदियों में स्नान का भी बड़ा महत्व माना गया है |

श्री महाशिवरात्रि व्रत – 17/2/2015

17 फ़रवरी दिन मंगलवार को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाएगा | इस दिन भगवान शिव व माँ पार्वती का शुभ विवाह होने के कारण इसे सर्वश्रेष्ठ दिन माना गया है | इस दिन व्रत रखने वालों को अश्व मेघ यज्ञ के तुल्ये फल प्राप्त होता है | भगवान शिव का बिल्व पत्रों, चन्दन इत्र, दूध, दही, जल आदि से पूजन करना चाहिए | पूरा दिन भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए और विशेष कर रात्रि के चारों पहरों में मन्दिर जाकर विधिवत पूजा करनी चाहिए और प्रातः अमावस्या के दिन हवन करके ब्राह्मणों को भोजन उपरान्त मिष्ठान आदि व दक्षिणा देकर विदा करने के बाद स्वयं भोजन करके व्रत का समापन करना चाहिए | यह व्रत बहुत ही कल्याणकारी माना गया है |

इस प्रकार फ़रवरी मास के इन पर्वों को करके आप लाभान्वित भी हो सकते हैं और उपवास करने से शरीर को स्वस्थ रखने में भी मदद मिलती है |

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Acharya Anil Johri

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