दो मुखी रुद्राक्ष

Posted by Acharya Anil Johri on September 05, 2014  /   Posted in Rudraksha

दो मुखी रुद्राक्ष सीधे सीधे भगवान शिव और माँ पारवती का स्वरुप है | इसे अर्धनारीश्वर का स्वरुप भी कहा गया है | इस रुद्राक्ष को धारण करने से शिव और शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है | वैसे तो इस रुद्राक्ष की उत्पति नेपाल, इंडोनेशिया व् भारत में कई स्थानों पर होती है लेकिन नेपाल का दो मुखी रुद्राक्ष सबसे श्रेष्ठ माना गया है |

दो मुखी रुद्राक्ष के लाभ

इसके धारक का क्षेत्र में सम्मान बढ़ता है, रूप, सौंदर्य अवं वाक्शक्ति की वृद्धि करता है | पति पत्नी के आपसी मतभेदों को कम करके ग्रहस्थ सुख की बढ़ोतरी करता है | इसके धारण से भूत प्रेत की बाधा भी दूर होती है और सभी प्रकार की इच्छाएँ धीरे धीरे पूर्ण होने की ओर बढ़ने लगती हैं | दो मुखी रुद्राक्ष का धारक महाशिवपुराण के अनुसार ब्रह्म हत्या एवं गाए हत्या के पाप से भी मुक्त हो सकता है | दो मुखी रुद्राक्ष भगवान चन्द्र देव के अधिकार क्षेत्र में आता है | इसके धारण करने से मन में चन्द्रमा की चांदनी जैसी शीतलता प्रदान होती है | मनुष्य ने जीवन में कई प्रकार के अगर पाप भी किए हों और अंतिम अवस्था में अगर दो मुखी रुद्राक्ष धारण किया हो तो जीवन में पापी होने के बावजूद मरणोपरांत स्वर्ग की प्राप्ति होती है इसलिए हर जन को अर्धनारीश्वर स्वरुप भगवान शिव और शक्ति के आशीर्वाद के रूप में नेपाली दो मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए |

दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र

दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र “ॐ नमः”, “ॐ नमः शिवाय” और “ॐ नमः दुर्गाए” है | “ॐ अर्ध्नारिश्वराए नमः” इस सर्वश्रेष्ठ मंत्र को अगर 5 माला रोज़ कर लिया जाए तो शिव और माँ पारवती की विशेष कृपा होने लग जाती है |

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*Descriptions for products are taken from scripture, written and oral tradition. Products are not intended to diagnose, treat, cure, or prevent any disease or condition. We make no claim of supernatural effects. All items sold as curios only.

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Acharya Anil Johri

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2 Comments

  1. डोरीलाल September 12, 2015 11:15 pm / Reply

    दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करने की विधि बताने की कृपा करें ।
    मेरी पत्नी अक्सर घर में झगडा करती हे कुछ समाधान बताएं में बहुत परेशान हूँ ।

  2. Gaurav thakur October 23, 2016 1:44 pm / Reply

    Aacharya ji mere pass 2 mukhi rudaraksh hai.. Main usye kb aOr kese dhaaran kru… Mera janam 10 december 1990 ko raat k 8:57 pm pr hua hai…rudrarksh dhaaran krne k baad kya mere bigde huye Kaam safal ho jayenge..

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